सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन
निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना 2026: ₹2 लाख सहायता, पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया - Madhya Pradesh

🔸 निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना क्या है ?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने और उनके सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग दंपत्तियों को विवाह के बाद आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

🔸निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य (Objective)

दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करना।

दिव्यांगजनों के सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देना।

विवाह से संबंधित आर्थिक बोझ को कम करना।

दिव्यांग युवक एवं युवतियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।

समाज में दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।

दिव्यांगजनों को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना।

दिव्यांग व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता करना।

दिव्यांग दंपत्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाना।

विवाह के माध्यम से सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को बढ़ावा देना।

दिव्यांग नागरिकों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की सहायता उपलब्ध कराना।

🔸निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)

  • योजना की स्थिति : वर्तमान में संचालित
  • आवेदन प्रारंभ : विवाह संपन्न होने के बाद
  • आवेदन की अंतिम तिथि : विवाह के 1 वर्ष के भीतर
  • दस्तावेज सत्यापन : आवेदन प्राप्त होने के बाद
  • लाभ स्वीकृति : पात्रता एवं दस्तावेजों के सत्यापन के पश्चात
  • सहायता राशि वितरण : आवेदन स्वीकृत होने के बाद
Ad
Advertisement

🔸निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना हेतु पात्रता (Eligibility)

  • आवेदक की दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • पुरुष आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा महिला आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • विवाह धार्मिक रीति-रिवाज, सामाजिक रीति-रिवाज अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा कानूनी रूप से संपन्न होना चाहिए।
  • आवेदक आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह के बाद एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
  • यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया जाता है, तो लाभार्थी योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी शर्तों एवं आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करना अनिवार्य है।

🔸निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना से लाभ (Benefits)

दिव्यांग युवक की सामान्य युवती से शादी होने पर ₹2,00,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

दिव्यांग युवती की सामान्य युवक से शादी होने पर ₹2,00,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त रूप से ₹1,00,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

दिव्यांग दंपत्ति के सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा मिलता है।

विवाह से संबंधित आर्थिक समस्याओं को कम करने में सहायता मिलती है।

दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलता है।

दिव्यांग व्यक्तियों के वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध होता है।

राज्य सरकार द्वारा सीधे लाभ प्रदान किए जाने से लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

🔸निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
मध्य प्रदेश मूल निवासी (निवास) प्रमाण पत्र।
विवाह प्रमाण पत्र।
पति-पत्नी के दो संयुक्त पासपोर्ट साइज फोटो।
आयु प्रमाण पत्र (जन्म तिथि/आयु सत्यापन हेतु)।
आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान पत्र।
बैंक खाते की जानकारी (बैंक पासबुक की प्रति)।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज।

🔸 निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

  • सबसे पहले योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें या संबंधित कार्यालय से आवेदन फॉर्म लें।
  • आवेदन पत्र में आवेदक एवं जीवनसाथी की सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।
  • निर्धारित सभी आवश्यक दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें।
  • भरे हुए आवेदन पत्र को संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कार्यालय में जमा करें।
  • ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक आवेदन पत्र जनपद पंचायत में तथा शहरी क्षेत्र के आवेदक नगर निकाय (नगर निगम/नगर पालिका) में भी जमा कर सकते हैं।
  • संबंधित विभाग द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
  • पात्र पाए जाने पर आवेदन स्वीकृत किया जाएगा।
  • स्वीकृति के बाद सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह के बाद 1 वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
महत्वपूर्ण जानकारी: किसी भी निर्णय से पहले अधिकारित जॉच अवश्य कर लेवें ।

🔚निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना का निष्कर्ष (Conclusion)

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई नि: शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने और उनके सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग दंपत्तियों को विवाह के बाद आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

🙋‍♀️ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न - निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना
❓ यह क्या योजना है??

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2008 में दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने हेतु निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू की थी।

❓ आवेदन कब तक किया जा सकता है??

विवाह संपन्न होने के बाद एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।

❓ क्या राज्य का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है??

नहीं, आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।

❓ कितनी आर्थिक सहायता मिलती है??

सामान्य एवं दिव्यांग व्यक्ति के विवाह पर ₹2,00,000 तथा दोनों के दिव्यांग होने पर ₹1,00,000 की सहायता प्रदान की जाती है।

❓ आवेदन प्रक्रिया क्या है??

इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से संबंधित विभागीय कार्यालय में किया जाता है।

MP निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना 2026 | www.YojnaPortal.com
Ad
Advertisement


Related Keywords: